LYRIC
गीत: अब रात गुजरने वाली है
फिल्म: आवारा (1951)
गायक: लता मंगेशकर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
कलाकार: नरगिस दत्त
अब रात गुजरने वाली है – Ab Raat Guzarne Wali Hai (Awara, Lata Mangeshkar.)
चाँद की आंखें भारी सी है
रात अँधेरी हारी सी है
चाँद की आंखें भारी सी है
रात अँधेरी हारी सी है
मान भी जा…ठहर ज़रा
सवेरा कोई दूर क्या
बस.. रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
बस.. रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
दर्द दर्द अँधेरा
ज़ख्म सी चांदनी
धुल जायेगी..धुप में
सर्द हाथों का घेरा
शहर की बेरुखी
खो जायेगी…गूंज में..
परिंदों की अज़ाने..
गुनगुनाती राह भी
कहती है आके चूम के
बस…
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
बस…अब रात गुजरने वाली है
मेरी सुनो तो आँखें मूँदो
खुद में ही ढूँढो नया एक नजरिया
खौफ में तुमने छुपा रखा है
अपने भीतर नूर का दरिया
बहने दो उसे धो देगा..
दीवार जो मन की काली है
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
बस..रात गुजरने वाली है

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